Tuesday, November 15, 2011

गांधी वध रुक जाता तो ३ फरवरी १९४८ को देश का एक और विभाजन पक्का था




अमर शहीद नाथूराम जी गोडसे (महात्मा गाँधी को मरने वाले.) का आज बलिदान
दिवस है आज के दिन उन्हें अम्बाला जेल में मृत्युदंड दिया गया था | इनका
पूरा नाम नाथूराम विनायकराव गोडसे था महज ३९ वर्ष की आयु में उन्हें वीर
गति प्राप्त हुई |



15 नवम्बर को यदि गांधी वध रुक जाता तो ३ फरवरी १९४८ को देश का एक और विभाजन पक्का था


जिन्ना की मांग थी कि पश्चिमी पाकिस्तान से पूर्वी पाकिस्तान जाने में
बहुत समय लगता है .............और हवाई जहाज से जाने की सभी की औकात नहीं,
तो हमको बिलकुल बीच भारत से एक कोरिडोर बना कर दिया जाए जो :-


१. लाहौर से ढाका जाता हो

२. दिल्ली के पास से जाता हो

३. जिसकी चौड़ाई कम से कम १० मील यानि १६ किलोमीटर हो

४. १० मील के दोनों और सिर्फ मुस्लिम बस्तियां ही बनेगी



तत्कालीन परिस्थितियों में सभी भारतीय और पाकिस्तानी इस सत्य से परिचित थे
कि एक और विभाजन निश्चिंत है, उसके बाद नाथूराम गोडसे ने जो किया वो
इतिहास है, अगर गाँधी वध का संकल्प पूरा ना होता........... .तो आप ही
बताइये क्या आज भारत कितना होता ?


गोडसे जी भागे नहीं, और इस पुन्य कार्य को न्यायलय के सभी ३५ सुनवाइयों पर स्वीकार किया.

| भारत माता के इस वीर सुपुत्र को मेरे शत शत प्रणाम |



हुतात्मा श्री नाथूराम गोडसे जी को उनके बलिदान दिवस पर शत शत नमन आप हर
सच्चे भारतीय के ह्रदय में सदैव जीवित रहेंगे......... जय हिंदुत्व
......... जय सनातन धर्म.........जय हिंदू राष्ट्र..........जय माँ
भारती.......... !!जय श्रीराम —

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